Physics क्या है ?
हमारे आस पास का nature बहुत सुंदर और विविध (diverse) है। इसमे बहुत तरह की phenomenon (घटनाए) होती रहती हैं। जैसे कि तूफान, इंद्रधनुष, समुन्द्र की लहरे, सूरज से energy मिलना…. हमारे आस-पास ना जाने ऐसे कितने phenomenon होते रहते हैं।
Nature और इसके laws की study को ही physics कहते हैं। Nature में जो भी events होते हैं वे किसी नियम (laws) के तहत ही होते है। Nature को observe करने के बाद इन नियमो (laws) को पता लगाना ही physics है। For example – moon का earth के चारो ओर घूमना, एक apple का पेड़ से नीचे गिरना, full moon night में समुन्द्र में लहरो का उठना, इन सब को explain किया जा सकता है अगर हम Newton’s law of gravitation और Newton’s law of motion को जानते हों।
“Understanding the nature” क्या है ये Great physicist Dr R. P. Feynman ने बेहतरीन तरीके से explain किया है।Suppose करो कि हम chess के rules नही जानते लेकिन अगर हम किसी chess player को ध्यान से काफी देर तक chess खेलता देखें, तो हम chess के कुछ rules को predict कर सकते हैं, इन rules की knowledge से हम ये भी समझने की कोशिश कर सकते हैं कि player ने कोई दाव क्यों खेला। लेकिन ये समझना काफी मुश्किल भी हो सकता है , और हम सारे rules जान भी लें तब भी खेल की हर एक बारीकी और पेचीदगी को समझना और हर एक situation में सही दाव सोचना इतना आसान नही है। लेकिन खेल समझेने के लिए कम से कम basic rules का जानना ज़रूरी है।
ऐसा भी हो सकता है की कोई आधा-अधूरा खेल देखकर गलत rules predict कर ले या कोई experienced player कोई ऐसा दाव खेले की आप चौक जाएं। और आप को ये अंदाज़ा हो जाये कि जो rules आपने predict किये थे वो गलत थे और आपको नए rules predict करने पड़ जाएं।
अब physics को भी chess game की तरह समझने की कोशिश कीजिये,
हमारे आस-पास का nature भी एक बड़े chess game की तरह ही है, जो nature खेलती है। हम nature को observe करते हैं और उन rules को पता लगाने की कोशिश करते हैं जिसके तहत nature में कोई भी event होता है। हमे nature में कुछ ऐसे events भी देखने को मिल सकते हैं जो कि उन rules को follow ना करते हों जो हमने पहले predict किये थे और हमें उन पुराने laws को inapplicable या गलत declare करना पड़े और नये rules खोजने पड़े।
क्योंकि nature की study को ही physics कहते हैं इसलिए इसके rules बनाने का अधिकार किसी को नहीं है, हम तो सिर्फ इन rules को discover कर सकते हैं। Aryabhat, Newton, Einstein या Feynman महान physicist हैं क्योंकि इन्होंने nature को observe करने के बाद इसके पीछे के कुछ rules predict कर लिए। लेकिन अगर किसी भी scientist के बनाये हुए rules किसी event को explain नहीं कर पाते तो हमे इन rules बदलने में कोई झिझक नही होगी।
उम्मीद है कि अब आप “physics क्या है” ये अच्छी तरह समझ गए होंगे।
FUNDAMENTAL FORCES IN NATURE
हम सब जानते ही हैं कि किसी भी चीज़ को पकड़ने, धकेलने, फेंकने, तोड़ने वगेरा में force की ज़रूरत होती है। और हमने अपने ऊपर भी force को कई बार experience किया है, जैसे कि जब हम किसी चीज़ से टकराते हैं या जब हम किसी झूले में बैठते हैं।
20th century में हमे ये समझ आया की nature में जितने भी forces हमे act करते हुए नज़र आते हैं, हमे ऐसा लग सकता है कि ये सारे अलग अलग type के forces हैं, लेकिन nature में कुछ ही fundamental forces हैं जो हमे अलग अलग रुप मे act करते हुए नज़र आते हैं।
इसको एक example से समझते हैं,
moon का earth के चारो ओर घूमना, एक apple का पेड़ से नीचे गिरना, full moon night में समुन्द्र में लहरो का उठना, सारे planets का sun के around घूमना etc.. हमे ऐसा लग सकता है कि ये सारे phenomenon अलग अलग type के forces की वजह से हो रहे हैं, लेकिन ऐसा नही हैं। सच तो ये है कि ये सारे phenomenon force of gravitaion की वजह से होते हैं।
Present stage में हमारी समझ से nature में 4 fundamental forces हैं।
1) Gravitational Force 2) Electromagnetic Force 3) Strong Nuclear Force 4) Weak Nuclear Force
फिलहाल हमे इन fundamental forces के बारे में detail में जानने की ज़रूरत नही हैं। हम इसके बारे में आने वाले chapters में पढ़ने वाले हैं।
Very great this helps me in understanding concept of physics and changes the my about physics
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